धारकों का रजिस्टर
रजिस्टर खाली है। जो पहले दावा करेगा, उसका नाम यहाँ हमेशा के लिए दर्ज होगा — $3 से।
कहानी
प्रथम शताब्दी ईस्वी के अंत में रोमन वास्तुकारों और राजगीरों ने स्पेन के सेगोविया में एक अनोखे नियम के तहत काम किया: निर्माण में किसी भी प्रकार के गारे, चूने या सीमेंट का उपयोग नहीं किया जाएगा। लगभग 25,000 गहरे भूरे ग्रेनाइट ब्लॉकों को इस तरह तराशा गया कि वे केवल अपने वजन, गुरुत्वाकर्षण और सटीक संतुलन के बल पर एक-दूसरे से जुड़े रहें।
शैतान की रात और अंतिम पत्थर की कथा
मध्यकाल में इसकी विशालता देखकर स्थानीय लोगों में यह लोककथा प्रचलित हुई कि पानी भरने से परेशान एक लड़की ने शैतान से सौदा किया कि यदि वह सूर्योदय से पहले शहर तक पानी पहुँचाने वाला पुल बना देगा तो वह उसे अपनी आत्मा दे देगी। भोर की पहली किरण और मुर्गे की बांग पर शैतान आखिरी पत्थर रखने से चूक गया और लड़की की आत्मा बच गई।
दो हज़ार वर्षों तक निरंतर सेवा
यह जलसेतु प्लाज़ा डेल अज़ोगेजो के ऊपर अपने उच्चतम बिंदु पर 28.5 मीटर ऊँचा है, जिसे 166 मेहराबों की दो-स्तरीय प्रणाली का सहारा प्राप्त है। यह 15 किलोमीटर दूर पहाड़ियों से ठंडा और मीठा पानी शहर तक पहुँचाता था।
ऊपरी तल के मध्य ताक में जहाँ रोमन काल में हरक्यूलिस की मूर्ति थी, वहाँ बाद में संरक्षक संतों की प्रतिमाएँ स्थापित की गईं। यह जलसेतु 20वीं सदी के मध्य तक लगातार शहर को पानी उपलब्ध कराता रहा।
1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित सेगोविया का जलसेतु रोमन इंजीनियरिंग के सटीक संतुलन और स्थायित्व का अद्भुत प्रमाण है।