धारकों का रजिस्टर
रजिस्टर खाली है। जो पहले दावा करेगा, उसका नाम यहाँ हमेशा के लिए दर्ज होगा — $3 से।
कहानी
330 ईसा पूर्व में हख़ामनी (एकेमेनिड) साम्राज्य पर विजय पाने के बाद सिकंदर महान की सेना ने पर्सेपोलिस (तख्त-ए-जमशेद) के महलों और देवदार की छतों को आग के हवाले कर दिया। लगभग डेढ़ सदी का भव्य निर्माण कुछ ही घंटों में जलकर राख हो गया।
दारा प्रथम का शाही चबूतरा
518 ईसा पूर्व के आसपास दारा प्रथम (डारियस द ग्रेट) ने 12 हेक्टेयर के विशाल कृत्रिम पत्थर के चबूतरे पर इस नगर की नींव रखी। यह कोई साधारण प्रशासनिक शहर नहीं था, बल्कि एक पवित्र अनुष्ठानिक केंद्र था जहाँ फ़ारसी नववर्ष (नौरोज़) पर साम्राज्य भर के प्रतिनिधि सम्राट को भेंट देने आते थे।
अपदाना महल की सीढ़ियों पर उकेरी गई नक्काशी में 23 विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल दिखाई देते हैं: सोने की धूल लाते भारतीय, हाथीदांत लाते इथियोपियाई और कीमती बर्तन लाते लिडियन, जो अपनी पारंपरिक वेशभूषा और दाढ़ी के साथ अमर हैं।
मिट्टी की पट्टियों पर दर्ज न्याय
1933 में यहाँ से हज़ारों एलामाइट मिट्टी की पट्टियाँ मिलीं। इन प्रशासनिक रिकॉर्ड्स से पता चला कि पर्सेपोलिस को गुलामों ने नहीं बल्कि वेतनभोगी मज़दूरों ने बनाया था, जिनमें महिलाओं को समान वेतन और सवेतन मातृत्व अवकाश दिया जाता था।
1979 में यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित पर्सेपोलिस प्राचीन फ़ारसी साम्राज्य के वैभव और न्यायप्रियता का अमर स्मारक है।
स्रोत और आगे की पढ़ाई
आगे पढ़ने के लिए संस्थागत अभिलेख; कहानी के हर विवरण का सत्यापन नहीं।