धारकों का रजिस्टर
रजिस्टर खाली है। जो पहले दावा करेगा, उसका नाम यहाँ हमेशा के लिए दर्ज होगा — $3 से।
कहानी
प्लेग प्रभावित बंदरगाह से आने वाले किसी भी जहाज को किनारे लगने की अनुमति नहीं थी। उसे एक निर्जन द्वीप के पास तीस दिनों तक लंगर डालकर रुकना पड़ता था ताकि माल को हवा दिखाई जा सके और यात्रियों की जाँच हो सके। रागुसा की परिषद ने 1377 में यह नियम बनाया—जो दुनिया का पहला विधिवत क्वारंटीन (संगरोध) माना जाता है। बाद में इस अवधि को बढ़ाकर चालीस दिन (quaranta) कर दिया गया, जिससे 'क्वारंटीन' शब्द की उत्पत्ति हुई।
शांति खरीदने वाला गणराज्य
इतिहास में 'रागुसा' के नाम से प्रसिद्ध यह समुद्री गणराज्य विशाल सेना के दम पर नहीं, बल्कि चतुर कूटनीति और ओटोमन सुल्तान को नियमित कर (ट्रिब्यूट) देकर स्वतंत्र बना रहा।
इसकी प्राचीरें ज़मीन की तरफ छह मीटर तक चौड़ी हैं जहाँ से आक्रमण का खतरा था। बाहरी क़िले पर लिखा है: "दुनिया के सारे सोने के बदले भी आज़ादी नहीं बेची जाती".
1667 का भूकंप
अप्रैल 1667 के भीषण भूकंप ने पूरे शहर के महलों और गिरजों को ढहा दिया, लेकिन दो किलोमीटर लंबा प्राचीरों का घेरा सुरक्षित बचा रहा। इसके बाद शहर को हल्के रंग के चूना पत्थरों से एक समान रूप में दोबारा बसाया गया।
1991 के युद्ध में भारी गोलाबारी के बाद छतों का जीर्णोद्धार किया गया। पहाड़ी से देखने पर सदियों पुरानी धुंधली नारंगी टाइलों के बीच नए सिरे से बनी लाल रंग की चमकदार छतें स्पष्ट दिखाई देती हैं।
1979 में यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित दुब्रोवनिक की दीवारें 'एड्रियाटिक का मोती' कहलाती हैं।